शतरंज ओलंपियाड 2026: उज़्बेकिस्तान ने घरेलू मैदान पर जीता स्वर्ण, भारत को रजत पदक , जर्मनी ने जीता कांस्य
शतरंज ओलंपियाड 2026 का समापन उज्बेकिस्तान के विजेता बनने के साथ ही हो गया और कज़ाकिस्तान नें अपने ही घर में ख़िताब हासिल करने का एक ऐसा कारनामा कर लिया जिसे करने से भारतीय टीम 2022 में चूक गई थी, सही मायनों में देखें तो भारत के ख़िलाफ़ मिली जीत के बाद उज़्बेकिस्तान नें जिस अंदाज़ में चीन, यूएसए को मात दी वह ही इस बार ख़िताब के हकदार थे वहीं भारतीय टीम उज़्बेक से जीती बाजी हारने के बाद शायद कभी अपनी ले नहीं पकड़ पाये, अर्जुन का अंतिम राउंड में ले में आना और निहाल का बीच में लय खो देना भारतीय टीम के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाले रहे पर इन सब के बावजूद टीम नें रजत पदक हासिल कर दिखाया की वह जब अपना सर्वश्रेष्ठ ना भी करे तो रजत पदक जीत सकती है, बधाई उज़्बेकिस्तान बधाई टीम इंडिया और हाँ जर्मनी कमाल के खेले आप भी ... पढ़े यह लेख , तस्वीरे : फ़ीडे और चेसबेस इंडिया

शतरंज ओलंपियाड 2026: उज़्बेकिस्तान ने घरेलू मैदान पर जीता स्वर्ण, भारत को रजत जर्मनी नें जीता कांस्य
46वां फीडे शतरंज ओलंपियाड 27 सितंबर को समापन समारोह के साथ संपन्न हो गया। पुरुष वर्ग में मेजबान और गत चैंपियन उज़्बेकिस्तान ने अंतिम राउंड में यूक्रेन को 2.5-1.5 से हराकर 20 मैच पॉइंट के साथ लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम ने अंतिम राउंड में हंगरी के साथ 2-2 से मुकाबला बराबरी पर छोड़ा और 18 मैच पॉइंट के साथ रजत पदक हासिल किया। जर्मनी भी 18 मैच पॉइंट के साथ बराबरी पर रही, लेकिन गेम पॉइंट के आधार पर बेहतर टाईब्रेक (405.5 बनाम 386.5) की बदौलत भारत ने दूसरा स्थान बरकरार रखा और जर्मनी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

अंतिम राउंड में भारत का मुकाबला हंगरी के खिलाफ रोमांचक रहा। शीर्ष बोर्ड पर प्रज्ञानानंद का मुकाबला रिचर्ड रापोर्ट के साथ ड्रॉ पर छूटा। दूसरे बोर्ड पर अर्जुन एरिगैसी ने अनुभवी पीटर लेको को हराकर टीम को बढ़त दिलाई। तीसरे बोर्ड पर निहाल सरीन का मुकाबला बेंजामिन ग्लेदुरा के साथ भी ड्रॉ पर रहा, लेकिन चौथे बोर्ड पर गुकेश डी को ग्लेब दुदिन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जिससे मुकाबला 2-2 से बराबरी पर छूट गया। इसी बीच शीर्ष टेबल पर उज़्बेकिस्तान ने यूक्रेन को 2.5-1.5 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया, जिसमें मुख़िद्दीन मदामिनोव की जीत निर्णायक रही जबकि बाकी तीन बोर्ड ड्रॉ पर छूटे।

भारतीय पुरुष टीम का पूरा अभियान उतार-चढ़ाव से भरा रहा। टीम ने शुरुआती पांच राउंड में थाईलैंड, इंडोनेशिया, इटली, स्पेन और नीदरलैंड्स को हराकर लगातार जीत के साथ शानदार आगाज़ किया, हालांकि पहले ही राउंड में शीर्ष बोर्ड पर अर्जुन एरिगैसी को थाईलैंड के खिलाफ एक चौंकाने वाली हार झेलनी पड़ी थी। छठे राउंड में मेजबान उज़्बेकिस्तान के खिलाफ भारत को पहली हार मिली, जहां निहाल सरीन जीती हुई बाजी गंवा बैठे थे। विश्राम दिवस के बाद टीम ने इंग्लैंड को हराकर वापसी की, आठवें राउंड में अज़रबैजान से ड्रॉ खेला, और नौवें राउंड में गुकेश डी की दबाव भरी परिस्थिति में दिखाई गई शानदार वापसी की बदौलत जर्मनी को हराया। दसवें राउंड में टीम ने उज़्बेकिस्तान की दूसरी टीम को 3.5-0.5 से रौंदकर दूसरे स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत की, इससे पहले टीम को कभी पदक की दौड़ से बाहर होने का खतरा नहीं रहा।

प्रज्ञानंदा पहले बोर्ड पर मजबूती से डटे रहे पर पिछले दो ओलंपियाड में गुकेश के द्वारा पहले बोर्ड पर किए गए प्रदर्शन के मुक़ाबले यह प्रदर्शन फीका रहा तो बोर्ड 2 पर अर्जुन स्पेन और अंतिम राउंड हंगरी के ख़िलाफ़ छोड़ दे तो लय में नज़र नहीं आए तो निहाल अच्छी शुरुआत के बाद उज़्बेकिस्तान के ख़िलाफ़ हुई गलती के चलते करीब तीन राउंड तक प्रभावित रहे, गुकेश चौंथे बोर्ड पर अच्छी लय में दिखे पर पिछले दो ओलंपियाड में उन्होंने इतना बेहतर खेल दिखाया है कि यह प्रदर्शन साधारण लगता है , विदित को तीन बाज़ियाँ मिली और उन्होंने उसके अनुसार टीम के लिए ठीक प्रदर्शन किया तो कुल मिलाकर इस बार टीम अपनी सबसे अच्छी लय में नहीं थी बावजूद इसके खिलाड़ियों के स्तर इतने ऊँचे है कि भारत नें रजत पदक जीता, अब देखना होगा कि अबुधाबी में होने वाले अगले ओलंपियाड में टीम कितना बदलती है.

बोर्ड-वार व्यक्तिगत पुरस्कारों में भी भारत के दो खिलाड़ियों ने पदक अपने नाम किए। बोर्ड एक पर प्रज्ञानानंद आर ने 2772 की परफॉर्मेंस रेटिंग के साथ कांस्य पदक जीता, जहां उज़्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने 2869 की शानदार परफॉर्मेंस के साथ स्वर्ण और तुर्किये के यागिज़ कान एर्दोमुश ने 2839 की परफॉर्मेंस के साथ रजत पदक हासिल किया।
बोर्ड चार पर गुकेश डी ने 11 में से 11 राउंड खेलकर 2718 की परफॉर्मेंस रेटिंग के साथ रजत पदक अपने नाम किया, जबकि यूक्रेन के इहोर समुनेनकोव (2720 परफॉर्मेंस) ने स्वर्ण और अमेरिका के लेवोन आरोनियन (2699) ने कांस्य पदक जीता। बोर्ड दो पर चीन के वेई यी और नीदरलैंड्स के योर्डन वान फोरेस्ट (दोनों 2798 परफॉर्मेंस) क्रमशः स्वर्ण व रजत विजेता रहे, जबकि उज़्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव (2797) को कांस्य मिला। बोर्ड तीन पर जर्मनी के फ्रेडरिक श्वाने (2796) ने स्वर्ण, उज़्बेकिस्तान के नोदिरबेक याकूबबोएव (2774) ने रजत और आर्मेनिया के शांत सर्गस्यान (2745) ने कांस्य पदक जीता, वहीं आरक्षित बोर्ड पर हंगरी के ग्लेब दुदिन (2738), स्पेन के डेनियल युफ़ा (2691) और मोल्दोवा के व्लादिमीर हामितेविच (2617) पदक विजेता रहे।
2024 के बुडापेस्ट ओलंपियाड में ऐतिहासिक दोहरा स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम इस बार गत चैंपियन के रूप में उतरी थी, लेकिन घरेलू मैदान पर खेल रही उज़्बेकिस्तान की टीम ने एक बार फिर बड़े मौके पर बाजी मारते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया - ठीक वैसे ही जैसे उसने 2022 के चेन्नई ओलंपियाड में उलटफेर किया था। भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि अमेरिका 17 मैच पॉइंट के साथ चौथे और अज़रबैजान, आर्मेनिया व हंगरी 17-17 अंकों के साथ क्रमशः पांचवें, छठे और सातवें स्थान पर रहीं। चीन आठवें, फ्रांस नौवें और स्पेन दसवें स्थान पर रही।
Final Ranking after 11 Rounds - Open
Rk. | SNo | FED |
| Team | Group | Games | + | = | - | TB1 | TB2 | TB3 | TB4 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
1 | 3 | UZB | A | 11 | 10 | 0 | 1 | 20 | 455,5 | 32,5 | 161 | ||
2 | 2 | IND | A | 11 | 8 | 2 | 1 | 18 | 405,5 | 28,5 | 162 | ||
3 | 5 | GER | A | 11 | 9 | 0 | 2 | 18 | 386,5 | 28,5 | 160 | ||
4 | 1 | USA | A | 11 | 8 | 1 | 2 | 17 | 391,5 | 29 | 157 | ||
5 | 7 | AZE | A | 11 | 7 | 3 | 1 | 17 | 364,5 | 28,5 | 151 | ||
6 | 10 | ARM | A | 11 | 7 | 3 | 1 | 17 | 339,5 | 27 | 154 | ||
7 | 8 | HUN | A | 11 | 7 | 3 | 1 | 17 | 320,5 | 24,5 | 152 | ||
8 | 4 | CHN | A | 11 | 7 | 2 | 2 | 16 | 374,5 | 28 | 160 | ||
9 | 9 | FRA | A | 11 | 6 | 4 | 1 | 16 | 366,5 | 28,5 | 151 | ||
10 | 13 | ESP | A | 11 | 8 | 0 | 3 | 16 | 354,5 | 28,5 | 147 |
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